लेखनी कहानी -23-Nov-2022
गज़ल
उफ़ ये बर्क़-ऐ-जमाल अच्छा है,
तुम ने पूछा तो हाल अच्छा है,,
ज़ख्म जी भर के दे मुझे जालिम,
तेरे मुजरिम का हाल अच्छा है,,
भागता है कहाँ बता मुझ को,
मौत का ये सवाल अच्छा है,,
रोशनी का नहीं कोई मज़हब
सोचना क्या कि फ़ाल अच्छा है,,
आसमाँ और ज़मीं सभी के लिए
कैसे कह दू कि ज़ाल अच्छा है,,
आह निकली वफ़ा के सीने से,
उफ़ ग़ज़ल का ग़जाल अच्छा है,,
Gopal Gupta" Gopal "
Abhilasha deshpande
23-Nov-2022 08:14 PM
Beautiful
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सीताराम साहू 'निर्मल'
23-Nov-2022 06:36 PM
👏👌🙏🏻
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