Gopal Gupta

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लेखनी कहानी -23-Nov-2022

गज़ल 

उफ़ ये बर्क़-ऐ-जमाल अच्छा है,
तुम  ने  पूछा तो हाल अच्छा है,,

ज़ख्म जी भर के दे मुझे जालिम,
तेरे मुजरिम का हाल अच्छा है,,

 भागता है कहाँ बता मुझ को,
मौत का ये  सवाल  अच्छा है,,

रोशनी का नहीं कोई  मज़हब 
सोचना क्या कि फ़ाल अच्छा है,,

आसमाँ और ज़मीं  सभी के लिए
कैसे कह दू कि ज़ाल अच्छा है,,

आह  निकली वफ़ा के सीने से,
उफ़ ग़ज़ल का ग़जाल अच्छा है,,


Gopal Gupta" Gopal "

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2 Comments

Abhilasha deshpande

23-Nov-2022 08:14 PM

Beautiful

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